The popular idea of Physiognomy rests mainly on observation of the features of the face alone
People in Tamil Nadu still refer to this great work when any such combinations as stated in the book are seen in a chart
स्थिति एवं दृष्टि के आधार पर विवेचन करते हुए
ज्योतिष में एक प्रश्न -फलादेश का भी विषय है
माना जाता है कि गुरु दत्तात्रे भी इन्द्रजाल के जनक थे। चाणक्य ने अपने अर्थशास्त्र में एक बड़ा भाग विद्या पर लिखा है। सोमेश्वर के मानसोल्लास में भी इन्द्रजाल का उल्लेख मिलता है। उड़ीसा के राजा प्रताप रुद्रदेव ने 'कौतुक चिंतामणि' नाम से एक ग्रंथ लिखा है जिसमें इसी तरह की विद्याओं के बारे में उल्लेख मिलता है। बाजार में कौतुक रत्नभांडागार
Ashtavakra Geeta [Hindi] Adiguru Shankaracharya The popular idea of Physiognomy, , , ? , , , , , , , , , ; , ; ,